BY: Vikas Yadav

❝ दिन में आने लगे हैं ख़्वाब मुझे उस ने भेजा है इक गुलाब मुझे ❞

❝ फूल ही फूल याद आते हैं आप जब जब भी मुस्कुराते हैं  ❞

❝ वो तो ख़ुश-बू है हवाओं में बिखर जाएगा मसअला फूल का है फूल किधर जाएगा  ❞

❝ फूल तो फूल हैं आँखों से घिरे रहते हैं काँटे बे-कार हिफ़ाज़त में लगे रहते हैं  ❞

❝ आशिक़ों के महबूब के पैरो की धुल हूँ, हाँ मैं एक लाल गुलाब का फूल हूँ। ❞

❝ कुछ ऐसा है तेरे इश्क का नशा, जैसे किसी ग्लास में रखी शराब है, उसको क्या गुलाब दूं जो पहले से ही गुलाब है। ❞

❝ गमलों में लगे गुलाब, ढूंढते भले कोमलताएं, ना जाने कौन से हाथ, तोड़ इन्हें ले जाए। ❞

❝ जिसे पाया ना जा सके वो जनाब हो तूम, मेरी जिंदगी का पहला ख्वाब हो तूम, लोग चाहे कुछ भी कहे लेकिन, मेरी जिंदगी का एक सुन्दर सा गुलाब हो तूम। ❞